हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य में 136 सड़कें बंद हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, इस मानसून में अब तक 800–1000 करोड़ रुपये तक का नुकसान होने का अनुमान है।
मुख्य बातें:
136 सड़कें यातायात के लिए बंद।
64 बिजली ट्रांसफार्मर और 375 पेयजल योजनाएं प्रभावित।
बारिश और भूस्खलन से अब तक 66 लोगों की मौत दर्ज की गई।
शिमला के भट्ठाकुफर और टुटू सहित कई क्षेत्रों में भूस्खलन से वाहन और संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
बारालाचा, कुंजुम और रोहतांग दर्रों में हल्की बर्फबारी भी दर्ज की गई।
राज्य सरकार का कहना है कि मानसून से पहले सभी जिलों में तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। जिला प्रशासन, लोक निर्माण, बिजली, जलापूर्ति, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मिलकर सड़कें खोलने और आवश्यक सेवाएं बहाल करने में जुटे हैं।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदियों और नालों के पास जाने से बचने तथा केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।

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