भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षित बेरोजगारी को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता कमलनाथ ने राज्य सरकार पर रोजगार और निवेश से जुड़े आंकड़ों में “कारीगरी” करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर करोड़ों रुपये के निवेश और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के दावे कर रही है, जबकि दूसरी ओर शिक्षित युवाओं में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है।
कमलनाथ ने कहा कि यदि प्रदेश में वास्तव में बड़े निवेश आ रहे हैं तो उसका असर रोजगार के अवसरों में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उच्च शिक्षित युवाओं को नौकरी क्यों नहीं मिल रही और रोजगार के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक क्यों नहीं किए जा रहे। उनके अनुसार सरकार प्रचार और दावों के जरिए वास्तविक स्थिति छिपाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं के कारण निवेश का माहौल प्रभावित हो रहा है। पार्टी का कहना है कि केवल निवेश समझौतों की घोषणा से रोजगार नहीं बनते, बल्कि उद्योगों का धरातल पर स्थापित होना और युवाओं को वास्तविक रोजगार मिलना जरूरी है।
वहीं राज्य सरकार लगातार दावा करती रही है कि मध्य प्रदेश निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन के मामले में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है तथा विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं।

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