Top News

सीबीआई का बड़ा एक्शन

 


नीट पेपर लीक कांड में 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल

13 आरोपी घिरे, 360 गवाह, 422 दस्तावेज और 43 अहम सबूत अदालत में पेश

नई दिल्ली। बौद्धिक प्रतिकार

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच का सबसे बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली की विशेष अदालत में करीब 20 हजार पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट में 13 आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें प्रश्नपत्र तैयार करने वाले तीन विषय विशेषज्ञ, कथित बिचौलिए, कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग और लाभ पाने वाले अभ्यर्थी शामिल हैं। 



सीबीआई के अनुसार जांच में 360 गवाहों के बयान, 422 दस्तावेज और 43 भौतिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। एजेंसी का दावा है कि उसने प्रश्नपत्र लीक होने की पूरी श्रृंखला का पता लगा लिया है—प्रश्नपत्र तैयार करने वालों से लेकर लाभार्थी अभ्यर्थियों तक। 


जांच के दौरान महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों में 92 स्थानों पर छापेमारी की गई। डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और संचार रिकॉर्ड जब्त किए गए। फोरेंसिक जांच और हस्तलेखन विशेषज्ञों की रिपोर्ट को भी चार्जशीट का हिस्सा बनाया गया है। कई बैंक खाते, लॉकर और एक डीमैट खाता भी फ्रीज किए गए हैं। 


सीबीआई ने आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, साक्ष्य नष्ट करने, भ्रष्टाचार निवारण कानून तथा लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 सहित विभिन्न धाराओं में आरोप लगाए हैं। फिलहाल सभी 13 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। 


विशेष अदालत ने चार्जशीट को रिकॉर्ड पर लेते हुए सीबीआई को शेष परिशिष्ट (एनेक्सर) दाखिल करने के लिए तीन दिन का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी। 

बौद्धिक प्रतिकार विश्लेषण

यह चार्जशीट केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर लगे सवालों का अहम पड़ाव है। अदालत में अब यह तय होगा कि प्रस्तुत साक्ष्य दोष सिद्ध करने के लिए कितने मजबूत हैं और पेपर लीक के पूरे नेटवर्क पर कानून कितना प्रभावी प्रहार कर पाता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post