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नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले के आरोपी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण में हो रही देरी को लेकर ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री ने अपने ही देश की न्यायिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ब्रिटेन की प्रणाली प्रभावी ढंग से काम करती, तो नीरव मोदी अब तक भारत की जेल में होता।
प्रीति पटेल ने कहा कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी से भारत और ब्रिटेन के बीच आपसी विश्वास तथा द्विपक्षीय संबंधों पर भी असर पड़ा है। उनके अनुसार ऐसे मामलों का समय पर निपटारा होना दोनों देशों के सहयोग और कानून के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जरूरी है।
नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक से हजारों करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी और धनशोधन का आरोप है। भारत सरकार लंबे समय से उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है, लेकिन ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण मामला अब तक लंबित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हाई-प्रोफाइल मामलों में कानूनी प्रक्रिया लंबी हो सकती है, लेकिन दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और ब्रिटिश अदालतों के फैसले पर सभी की नजर बनी हुई है।

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