नई दिल्ली। मधुमेह केवल रक्त शर्करा बढ़ने तक सीमित बीमारी नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव शरीर के कई अंगों पर पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मधुमेह के मरीजों में मसूड़ों से खून आना, सूजन, दांतों का ढीला होना और बार-बार संक्रमण होना आम समस्या बन सकती है। यदि ब्रश करते समय या बिना किसी कारण मसूड़ों से खून आता है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विशेषज्ञ बताते हैं कि रक्त शर्करा लंबे समय तक अधिक रहने पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है। इससे मसूड़ों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और घाव भरने की प्रक्रिया भी धीमी पड़ जाती है। परिणामस्वरूप मसूड़ों में सूजन, लालिमा और खून आने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। कई बार यह अनियंत्रित मधुमेह का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि मधुमेह के रोगियों को दिन में दो बार दांत साफ करने, नियमित कुल्ला करने, हर छह महीने में दंत चिकित्सक से जांच कराने और रक्त शर्करा को नियंत्रित रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवाओं का सेवन भी अत्यंत आवश्यक है।
यदि मसूड़ों से लगातार खून आ रहा हो, दांत हिलने लगे हों या मुंह से दुर्गंध आने की समस्या बनी रहे, तो तुरंत दंत चिकित्सक और मधुमेह विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। समय पर उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है और दांतों तथा मसूड़ों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।

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