कोरियन ब्यूटी ट्रेंड बना चर्चा का विषय, विशेषज्ञों ने बताए फायदे और सावधानियां
नई दिल्ली। कोरियन ब्यूटी ट्रेंड के प्रभाव से अब चावल का पानी (राइस वाटर) केवल बालों और त्वचा पर लगाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे पीने का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है। दावा किया जाता है कि इससे त्वचा में प्राकृतिक निखार आता है और चमक बढ़ती है। हालांकि त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि इन दावों को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, चावल के पानी में कुछ मात्रा में विटामिन बी, खनिज, अमीनो अम्ल और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए लाभदायक हो सकते हैं। यदि इसे स्वच्छ तरीके से तैयार किया जाए और संतुलित मात्रा में पिया जाए, तो यह शरीर में जल की पूर्ति और पाचन में कुछ हद तक मदद कर सकता है। लेकिन इसे त्वचा को चमकदार बनाने का चमत्कारी उपाय मानना सही नहीं है।
त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ और दमकती त्वचा के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद, नियमित व्यायाम और सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाव कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। यदि चावल का पानी लंबे समय तक रखा गया हो या स्वच्छता का ध्यान न रखा गया हो, तो उसमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी सोशल मीडिया ट्रेंड को अपनाने से पहले उसके वैज्ञानिक आधार को समझें और यदि त्वचा या स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही ऐसे प्रयोग करें।

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