विशेषज्ञों के अनुसार मां और शिशु के स्वस्थ विकास के लिए संतुलित पोषण है सबसे महत्वपूर्ण
नई दिल्ली। गर्भावस्था के दौरान केवल फोलिक एसिड ही नहीं, बल्कि कई अन्य पोषक तत्व भी मां और गर्भ में पल रहे शिशु के स्वस्थ विकास के लिए बेहद आवश्यक होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भधारण की योजना बनाने से लेकर प्रसव तक संतुलित और पौष्टिक आहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार आयरन (लौह तत्व) शरीर में खून की कमी (एनीमिया) से बचाने में मदद करता है, जबकि कैल्शियम और विटामिन डी शिशु की हड्डियों और दांतों के विकास के लिए जरूरी हैं। आयोडीन मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, वहीं ओमेगा-3 फैटी एसिड (डीएचए) शिशु के मस्तिष्क और आंखों के विकास में सहायक माना जाता है।
इसके अलावा प्रोटीन, विटामिन बी-12, विटामिन सी, जिंक और मैग्नीशियम भी गर्भावस्था के दौरान शरीर की बढ़ी हुई पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन पोषक तत्वों की कमी मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्भावस्था में किसी भी विटामिन या सप्लीमेंट का सेवन स्वयं से नहीं, बल्कि चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए। संतुलित आहार, नियमित प्रसवपूर्व जांच और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए पोषक तत्वों का सेवन सुरक्षित और स्वस्थ गर्भावस्था की कुंजी है।

Post a Comment