नजूल और देवोत्तर संपत्तियों की खरीद के आरोप, एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
नई दिल्ली। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े भूमि सौदों को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि ट्रस्ट ने नजूल भूमि और मंदिरों की देवोत्तर संपत्तियों सहित विभिन्न प्रकार की जमीनों की खरीद में अनियमितताएं कीं। इन आरोपों के बीच अब सबकी नजर विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट पर है कि वह केवल चढ़ावा चोरी के आरोपों तक सीमित रहती है या भूमि सौदों और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े अन्य आरोपों की भी जांच करती है।
विवाद को लेकर विभिन्न पक्षों का कहना है कि यदि आरोपों में प्रथम दृष्टया तथ्य पाए जाते हैं, तो जांच का दायरा केवल चढ़ावा चोरी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दान राशि के उपयोग, भूमि खरीद की प्रक्रिया और वित्तीय प्रबंधन की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दूसरी ओर, ट्रस्ट की ओर से पहले भी कई आरोपों का खंडन किया जाता रहा है और कहा गया है कि सभी निर्णय कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप लिए गए हैं।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट में किन बिंदुओं को शामिल करती है, क्या भूमि खरीद से जुड़े आरोपों पर कोई निष्कर्ष देती है, या जांच केवल मूल शिकायत तक सीमित रहती है। मामले का अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

Post a Comment