नई दिल्ली। भारतीय रोइंग को बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने रोवर लक्ष्य कुमार का डोप परीक्षण सकारात्मक आने के बाद उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही रोइंग विश्व कप में भारत के खाते में आया ऐतिहासिक स्वर्ण पदक भी हाथ से निकल गया।
लक्ष्य कुमार और उनके साथी उज्ज्वल कुमार सिंह ने फाइनल में 6 मिनट 26.09 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया था। यह रोइंग विश्व कप में भारत का पहला स्वर्ण पदक था और भारतीय रोइंग के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि माना गया था।
हालांकि, प्रतियोगिता के बाद हुए डोप परीक्षण में लक्ष्य कुमार का नमूना सकारात्मक पाए जाने के बाद नाडा ने उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। नियमों के अनुसार, इसके बाद भारत का स्वर्ण पदक भी निरस्त कर दिया गया।
इस घटनाक्रम से भारतीय रोइंग को बड़ा झटका लगा है। अब आगे की अनुशासनात्मक और कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले की सुनवाई होगी, जिसमें खिलाड़ी को अपना पक्ष रखने का अवसर भी मिलेगा। अंतिम निर्णय संबंधित खेल प्राधिकरण और डोपिंग रोधी नियमों के अनुसार लिया जाएगा।
यह मामला खिलाड़ियों के लिए डोपिंग रोधी नियमों के पालन की अहमियत को एक बार फिर रेखांकित करता है। भारतीय खेल जगत की निगाहें अब इस मामले की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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