अमेरिका ने ईरानी विमानन कंपनी महान एयर को कथित सहयोग देने के आरोप में भारत की एक कंपनी समेत छह संस्थाओं और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि ये संस्थाएं ईरान पर लागू प्रतिबंधों के बावजूद महान एयर की व्यावसायिक गतिविधियों को समर्थन दे रही थीं।
जानकारी के अनुसार, जिस भारतीय कंपनी पर कार्रवाई की गई है, वह महान एयर की जनरल सेल्स एजेंट के रूप में काम कर रही थी। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस भूमिका के जरिए एयरलाइन को परिचालन और व्यावसायिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही थी।
अमेरिका लंबे समय से महान एयर पर प्रतिबंध लगाए हुए है। उसका आरोप है कि एयरलाइन का इस्तेमाल ईरान की कुछ गतिविधियों और प्रतिबंधित संगठनों को सहयोग पहुंचाने के लिए किया जाता रहा है। इसी कारण उससे जुड़े व्यक्तियों और कंपनियों पर समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाती रही है।
अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों की अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में मौजूद संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं। साथ ही अमेरिकी नागरिकों और कंपनियों को उनके साथ किसी भी प्रकार का कारोबारी लेन-देन करने की अनुमति नहीं होगी।
इस कार्रवाई के बाद संबंधित भारतीय कंपनी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रतिबंधों का असर वैश्विक कारोबारी गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों पर भी पड़ सकता है।

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