नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi की एक टिप्पणी पर सदन में जोरदार हंगामा हो गया। राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि "अंधभक्त मूर्ख को भगवान मानते हैं", जिसके बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने तीखा विरोध जताया और इस बयान को करोड़ों लोगों की भावनाओं का अपमान बताया।
राहुल गांधी के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी के सांसद अपनी सीटों से खड़े हो गए और टिप्पणी वापस लेने की मांग करने लगे। सत्ता पक्ष का आरोप था कि कांग्रेस नेता ने राजनीतिक आलोचना की आड़ में धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों का अपमान किया है।
हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने कई बार सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। शोर-शराबा बढ़ने पर कुछ समय के लिए कार्यवाही भी प्रभावित हुई। भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की, जबकि कांग्रेस सांसदों ने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला जा रहा है और वह किसी धर्म विशेष पर टिप्पणी नहीं कर रहे थे।
इस घटना के बाद संसद परिसर से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बयानबाजी तेज हो गई। भाजपा ने इसे कांग्रेस की "जनभावनाओं का अपमान" बताया, जबकि कांग्रेस ने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए विवाद खड़ा किया जा रहा है।
लोकसभा में यह मुद्दा दिनभर चर्चा का विषय बना रहा और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

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