घंटों तक कुर्सी पर बैठे रहना केवल कमर दर्द का कारण नहीं, बल्कि शरीर में सूजन, मोटापा, मधुमेह, हृदय रोग और कुछ प्रकार के कैंसर का जोखिम भी बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक कार्यालयों में लंबे समय तक लगातार बैठकर काम करना "साइलेंट हेल्थ रिस्क" बन चुका है।
डॉक्टरों के अनुसार, लगातार बैठे रहने से शरीर की ऊर्जा खपत कम हो जाती है, रक्त संचार धीमा पड़ता है और मांसपेशियां निष्क्रिय हो जाती हैं। इससे वजन बढ़ने, इंसुलिन प्रतिरोध, शरीर में सूजन और चयापचय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक निष्क्रिय रहने को कई गंभीर बीमारियों के बढ़ते जोखिम से भी जोड़ा गया है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर 30 से 45 मिनट में कम से कम 2 से 5 मिनट के लिए अपनी सीट से उठें। इस दौरान थोड़ा टहलें, स्ट्रेचिंग करें या सीढ़ियां चढ़ें-उतरें। फोन पर बात करते समय खड़े होकर चलना और प्रिंटर या पानी लेने के लिए पैदल जाना भी शरीर को सक्रिय रखने में मदद करता है।
कार्यालय में सही मुद्रा में बैठना, कंप्यूटर स्क्रीन को आंखों के स्तर पर रखना, पैरों को जमीन पर टिकाकर बैठना और पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। यदि संभव हो तो बीच-बीच में खड़े होकर काम करने की आदत भी लाभदायक हो सकती है।
डॉक्टरों का कहना है कि दिनभर बैठकर काम करने वालों के लिए केवल सुबह या शाम का व्यायाम ही पर्याप्त नहीं है। पूरे दिन नियमित अंतराल पर शरीर को सक्रिय रखना उतना ही आवश्यक है। छोटी-छोटी गतिविधियां भी लंबे समय में स्वास्थ्य पर बड़ा सकारात्मक असर डाल सकती हैं।

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