नई दिल्ली। भारत के पूर्व कप्तान ने क्रिकेट के मैदान पर जितनी सफलता हासिल की, उतनी ही समझदारी से कारोबारी दुनिया में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। वर्ष 2026 में विभिन्न सार्वजनिक आकलनों के अनुसार उनकी कुल संपत्ति लगभग 1,060 करोड़ से 1,200 करोड़ रुपये के बीच मानी जा रही है। इसमें उनकी ब्रांड साझेदारियां, निवेश, व्यवसाय और अन्य आय के स्रोत शामिल हैं। निजी कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी का मूल्य अनुमानित है और सार्वजनिक रूप से पूरी तरह सत्यापित नहीं है।
धोनी ने केवल विज्ञापनों तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अनेक स्टार्टअप और स्थापित कंपनियों में भी निवेश किया है। खेल प्रौद्योगिकी, फिटनेस, कृषि, खाद्य एवं पेय पदार्थ, परिधान, जीवनशैली और उपभोक्ता उत्पादों से जुड़े कई उद्यमों में उनकी हिस्सेदारी बताई जाती है। इसके अलावा वे अनेक प्रतिष्ठित ब्रांडों के प्रचार से भी नियमित आय अर्जित करते हैं।
व्यवसाय के साथ-साथ धोनी खेल क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। वे विभिन्न खेल फ्रेंचाइज़ियों से जुड़े हैं और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने वाली पहलों में भी भागीदारी निभाते हैं। उनकी निवेश रणनीति दीर्घकालिक और विविध क्षेत्रों पर आधारित मानी जाती है, जिससे उनका कारोबारी पोर्टफोलियो लगातार मजबूत हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी ने क्रिकेट से अर्जित लोकप्रियता को सुनियोजित निवेश और व्यावसायिक निर्णयों के माध्यम से दीर्घकालिक संपत्ति में बदला है। यही कारण है कि आज उनका नाम केवल सफल क्रिकेटरों में ही नहीं, बल्कि देश के सफल खिलाड़ी-उद्यमियों में भी प्रमुखता से लिया जाता है।

Post a Comment