नई दिल्ली। देश आज 27वां कारगिल विजय दिवस मना रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके अदम्य साहस, शौर्य तथा राष्ट्रभक्ति को नमन किया।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि कारगिल के वीरों का बलिदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र उनकी वीरता और समर्पण का सदैव ऋणी रहेगा।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि कारगिल के अमर शहीदों ने कठिन परिस्थितियों में अद्वितीय साहस का परिचय देकर देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा की। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
प्रधानमंत्री ने कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उनका पराक्रम और त्याग देश कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने कहा कि भारत के वीर सैनिकों ने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प से दुश्मन के मंसूबों को विफल कर विजय प्राप्त की। देश उनके बलिदान के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा।
कारगिल विजय दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने कठिन पर्वतीय परिस्थितियों में अद्वितीय वीरता का प्रदर्शन करते हुए कारगिल की चोटियों से घुसपैठियों को खदेड़कर ऑपरेशन विजय को सफल बनाया था। यह दिवस भारतीय सैनिकों के शौर्य, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक माना जाता है।

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