यमन के हूती विद्रोही लाल सागर के रणनीतिक बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर ट्रांजिट शुल्क लगाने की तैयारी कर रहे हैं। यदि यह योजना लागू होती है तो वैश्विक समुद्री व्यापार, कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति पर व्यापक असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाब-अल-मंदेब दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से एशिया, यूरोप और पश्चिम एशिया के बीच बड़ी मात्रा में माल और ऊर्जा आपूर्ति होती है। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क या सुरक्षा जोखिम बढ़ने से शिपिंग कंपनियों की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ईंधन की कीमतों पर भी पड़ने की आशंका है।
जानकारों का मानना है कि यदि जहाज इस मार्ग से बचने के लिए लंबा समुद्री रास्ता अपनाते हैं, तो माल ढुलाई में अधिक समय और खर्च लगेगा। इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है, क्योंकि इसका असर दुनिया भर के व्यापार और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
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