खाद्य नियामक के एक आदेश के बाद देश का करीब ₹13,000 करोड़ का एनर्जी ड्रिंक कारोबार दबाव में आ गया है। लेबलिंग नियमों के उल्लंघन और इस श्रेणी को नियामकीय मान्यता नहीं मिलने के कारण वितरकों ने कई कंपनियों का मौजूदा स्टॉक उठाने से इनकार करना शुरू कर दिया है। इसका असर खुदरा बाजार में भी दिखने लगा है, जहां कई लोकप्रिय ब्रांडों की उपलब्धता प्रभावित हो रही है।
जानकारी के अनुसार, कंपनियों ने नए नियमों को लागू करने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की थी, लेकिन नियामक ने यह अनुरोध स्वीकार नहीं किया। इसके बाद वितरकों ने नियमों के उल्लंघन के जोखिम को देखते हुए नया स्टॉक लेने में सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आपूर्ति श्रृंखला पर और असर पड़ सकता है। इससे कारोबारियों के साथ उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल कंपनियां नियामकीय निर्देशों के अनुरूप लेबल में आवश्यक बदलाव करने और बाजार में सामान्य आपूर्ति बहाल करने की दिशा में काम कर रही हैं।

Post a Comment