हवाई हमले तेज, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित; दुनिया की नजर हालात पर
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। हालिया सैन्य कार्रवाइयों और बढ़ते हवाई हमलों के बाद पश्चिम एशिया में पूर्ण युद्ध की आशंकाएं तेज हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, पिछले महीने संघर्ष को रोकने के लिए हुआ अंतरिम समझौता अब प्रभावी नहीं रह गया है, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है।
इस बीच, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में शामिल हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही भी प्रभावित होने की खबरें हैं। यदि यह स्थिति लंबी चली, तो वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सैन्य टकराव और बढ़ता है, तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा। वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री परिवहन और विश्व अर्थव्यवस्था पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। कई देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कूटनीतिक स्तर पर तनाव कम करने के प्रयास जारी हैं।
हालांकि, अभी तक अमेरिका और ईरान की ओर से औपचारिक रूप से पूर्ण युद्ध की घोषणा नहीं की गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयास सफल होते हैं या क्षेत्र में सैन्य टकराव और तेज होता है।

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