धूम्रपान करने वालों में खतरा छह गुना तक अधिक, शोध में चौंकाने वाले संकेत
नई दिल्ली। प्लास्टिक प्रदूषण अब केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं रहा। हाल के वैज्ञानिक अध्ययनों से संकेत मिले हैं कि माइक्रोप्लास्टिक के सूक्ष्म कण हवा, पानी और भोजन के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश कर हृदय की धमनियों तक पहुंच सकते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि धूम्रपान करने वालों में इन कणों की मौजूदगी का खतरा लगभग छह गुना अधिक पाया गया है।
शोध के अनुसार, माइक्रोप्लास्टिक के अत्यंत छोटे कण शरीर में प्रवेश करने के बाद रक्त प्रवाह के माध्यम से विभिन्न अंगों तक पहुंच सकते हैं। वैज्ञानिक यह भी अध्ययन कर रहे हैं कि क्या इन कणों का संबंध धमनियों में सूजन, रक्त प्रवाह में बाधा और हृदय रोगों के बढ़ते जोखिम से हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सिगरेट के धुएं के साथ शरीर में जाने वाले सूक्ष्म कण और धूम्रपान से पहले से मौजूद सूजन, माइक्रोप्लास्टिक के प्रभाव को और गंभीर बना सकते हैं। हालांकि, इस विषय पर अभी और व्यापक शोध की आवश्यकता है।
माइक्रोप्लास्टिक शरीर में कैसे पहुंचता है?
हवा के माध्यम से सांस के साथ
प्लास्टिक की बोतलों और पैकेजिंग में रखे भोजन व पेय पदार्थों से
समुद्री भोजन और अन्य खाद्य पदार्थों के जरिए
घरेलू धूल और सिंथेटिक कपड़ों के रेशों से
विशेषज्ञ क्या सलाह देते हैं?
धूम्रपान से बचें।
एकल-उपयोग प्लास्टिक का उपयोग कम करें।
प्लास्टिक की बोतलों में लंबे समय तक पानी या भोजन रखने से बचें।
ताजा और कम प्रसंस्कृत भोजन को प्राथमिकता दें।
घर और कार्यस्थल पर स्वच्छ वायु बनाए रखें।

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