आमतौर पर दिल के दौरे का सबसे प्रमुख लक्षण सीने में तेज दर्द या दबाव माना जाता है, लेकिन चिकित्सकों के अनुसार कई मामलों में बिना सीने में दर्द के भी दिल का दौरा पड़ सकता है। विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और मधुमेह से पीड़ित लोगों में ऐसे "मूक" या असामान्य लक्षण अधिक देखने को मिलते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि अचानक सांस फूलने लगे, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, ठंडा पसीना आए, मतली या उल्टी हो, चक्कर आए, जबड़े, गर्दन, कंधे, पीठ या बाएं हाथ में दर्द या भारीपन महसूस हो, तो इन्हें सामान्य परेशानी समझकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। ये भी दिल के दौरे के संकेत हो सकते हैं।
यदि ऐसे लक्षण अचानक दिखाई दें और कुछ मिनट तक बने रहें, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। स्वयं वाहन चलाकर अस्पताल जाने के बजाय एम्बुलेंस बुलाना अधिक सुरक्षित माना जाता है। समय पर उपचार मिलने से हृदय को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है और जीवन बचाने की संभावना बढ़ जाती है।
चिकित्सकों का कहना है कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, धूम्रपान, मोटापा, अधिक कोलेस्ट्रॉल, तनाव और पारिवारिक इतिहास जैसे जोखिम कारकों वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली से दिल के दौरे का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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