करीब एक घंटे चली बैठक, शिक्षा सुधार और संसद में चर्चा का आश्वासन; भूख हड़ताल समाप्त
नई दिल्ली। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में मुलाकात की। दोनों नेताओं और वांगचुक के बीच लगभग एक घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब वांगचुक लंबे समय से शिक्षा सुधारों और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे।
दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात कर उनकी मांगों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान केंद्र सरकार ने शिक्षा सुधारों से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक पहल करने और संसद में इन विषयों पर चर्चा कराने का आश्वासन दिया। सरकार ने कहा कि वांगचुक द्वारा उठाए गए विषयों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
बैठक के बाद वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने संवाद का रास्ता अपनाया है और उन्हें उम्मीद है कि दिए गए आश्वासनों पर आगे ठोस कार्रवाई होगी।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी बातचीत को सकारात्मक बताया। उनका कहना था कि लोकतंत्र में संवाद के माध्यम से समाधान निकालना सबसे प्रभावी तरीका है।
हालांकि, आंदोलन से जुड़े कई संगठनों ने कहा है कि वे सरकार के आश्वासनों पर नजर बनाए रखेंगे और यदि वादों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। फिलहाल सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बनी सहमति को गतिरोध समाप्त होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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