मनीला बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की सहमति; समुद्री सुरक्षा, नई तकनीक और आर्थिक सहयोग पर बनेगा साझा रोडमैप
मनीला। फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था को मजबूत बनाने पर व्यापक सहमति बनी। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने संयुक्त रूप से आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन) की एकता और उसकी केंद्रीय भूमिका का समर्थन करते हुए क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
बैठक में समुद्री सुरक्षा, सुरक्षित और निर्बाध नौवहन, आर्थिक समृद्धि, उभरती प्रौद्योगिकियों, आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा तथा मानवीय सहायता जैसे विषयों पर सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। विदेश मंत्रियों ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र का विकास अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान और सभी देशों की संप्रभुता की रक्षा के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए।
बैठक के दौरान आपूर्ति श्रृंखला को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाने, महत्वपूर्ण खनिजों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल प्रौद्योगिकी और समुद्री निगरानी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। क्वाड देशों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता, विकास और समावेशी सहयोग को बढ़ावा देना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की बढ़ती समुद्री गतिविधियों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सामरिक समीकरणों के बीच यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि संयुक्त बयान में किसी देश का नाम नहीं लिया गया, लेकिन नियम-आधारित व्यवस्था, समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन पर दिया गया जोर क्षेत्रीय रणनीति का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
भारत के लिए भी यह बैठक महत्वपूर्ण रही, क्योंकि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसकी रणनीतिक भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। आने वाले समय में क्वाड और आसियान के बीच बढ़ता सहयोग क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और आर्थिक विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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