परीक्षित गुप्ता मुंबई
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने छात्र आंदोलन और पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों पर बल प्रयोग कर रही है, जबकि महिला सशक्तिकरण की बातें भी करती है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि जब देश का युवा अपने अधिकार और न्याय की मांग करता है तो उसे अपराधी या आतंकवादी की तरह पेश किया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार महिला सम्मान और सशक्तिकरण की बात करती है, तो प्रदर्शन कर रही छात्राओं और महिलाओं पर लाठीचार्ज जैसी घटनाएं क्यों होती हैं। परिसीमन विधेयक का उल्लेख करते हुए ठाकरे ने कहा कि सांसदों की संख्या बढ़ाने के बजाय सरकार को युवाओं के लिए रोजगार सृजन और शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। हालांकि, ठाकरे द्वारा दिए गए कुछ बयान, जिनमें न्याय को लेकर आक्रामक टिप्पणी भी शामिल थी, राजनीतिक बहस का विषय बन गए हैं। इस पर सत्तापक्ष की ओर से भी प्रतिक्रिया आने की संभावना है।

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