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नाना का ड्रग्स कनेक्शन, ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क और करोड़ों के लेन-देन की जांच

 


प्रणव बजाज

मोबाइल से मिले डिजिटल सुरागों ने बढ़ाई मुश्किलें, आमिर गौरी और अन्य कड़ियों की पड़ताल तेज

इंदौर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। ऑनलाइन सट्टा, डिजिटल लेन-देन और कथित ड्रग्स नेटवर्क के बीच जुड़ती कड़ियों ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस ने नाना पटवारी का मोबाइल जब्त कर लिया है और उसमें मिले डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। अब जांच केवल ऑनलाइन सट्टे तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि ड्रग्स नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और कथित संगठित अपराध तक पहुंच गई है।


पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आए डिजिटल इनपुट के आधार पर बैंकिंग ट्रेल, मोबाइल डेटा, संदिग्ध आईडी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।

ड्रग्स पैडलर आमिर गौरी से संपर्क की भी जांच

जांच एजेंसियां नाना पटवारी के इंदौर के चर्चित ड्रग्स पैडलरों आमिर गौरी और रईस से कथित संबंधों की भी जांच कर रही हैं। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या इन लोगों के बीच किसी प्रकार का संपर्क या लेन-देन था। जांच के दौरान उपलब्ध तस्वीरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जा रहा है।

कॉलोनाइजर सुमित मंत्री से भी घंटों पूछताछ

शुभम वैली कॉलोनी से जुड़े दस्तावेजों के संबंध में कॉलोनाइजर सुमित मंत्री को भी पुलिस ने नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस ने उनसे कई दस्तावेज मांगे हैं और उनके बयान का अन्य साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है।

सुमित मंत्री का पक्ष

सुमित मंत्री ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि नाना पटवारी के साथ उनका कोई व्यापारिक लेन-देन या साझेदारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित कॉलोनी में नाना की कोई भूमिका नहीं रही। पुलिस इस दावे का उपलब्ध दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड से सत्यापन कर रही है।

डीसीपी बोले— डिजिटल और वित्तीय जांच होगी निर्णायक

डीसीपी जोन-1 नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि नाना पटवारी से ऑनलाइन सट्टा एप, उससे जुड़े लेन-देन और अन्य पहलुओं पर विस्तृत पूछताछ की गई। प्रारंभिक जांच में मोबाइल से कुछ डिजिटल इनपुट मिले हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि सभी आरोपियों के वित्तीय लेन-देन, बैंकिंग ट्रेल और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की गहन जांच की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उन्हें भी कानूनी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

अब सबसे बड़ा सवाल

क्या ऑनलाइन सट्टे की जांच इंदौर में सक्रिय किसी बड़े ड्रग्स और आर्थिक नेटवर्क का पर्दाफाश करेगी? क्या डिजिटल साक्ष्य इस पूरे मामले में नई परतें खोलेंगे?

बौद्धिक प्रतिकार इस पूरे मामले की दस्तावेज़ आधारित पड़ताल जारी रखेगा। जांच में सामने आने वाले प्रत्येक नए तथ्य और संबंधित पक्ष का जवाब भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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