नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने सहकारिता मंत्रालय के स्थापना दिवस समारोह में कहा कि मंत्रालय ने पिछले पाँच वर्षों में देश के लगभग 30 करोड़ लोगों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार किया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि किसानों, ग्रामीण परिवारों, महिलाओं और छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है।
अमित शाह ने कहा कि मंत्रालय के गठन के बाद सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहित करने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उनके अनुसार, प्राथमिक कृषि साख समितियों के विस्तार, डिजिटल व्यवस्था, भंडारण क्षमता में वृद्धि और विभिन्न सहकारी योजनाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश के प्रत्येक गाँव तक सहकारिता की पहुँच सुनिश्चित करना है, ताकि किसानों को बेहतर विपणन, सस्ती ऋण सुविधा, आधुनिक भंडारण और रोजगार के नए अवसर मिल सकें। मंत्रालय सहकारी क्षेत्र को अधिक आत्मनिर्भर, प्रतिस्पर्धी और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में सहकारिता आंदोलन देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती देगा तथा ग्रामीण विकास, कृषि उत्पादन और रोजगार सृजन में इसकी भूमिका और व्यापक होगी। उन्होंने सभी सहकारी संस्थाओं से पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का भी आह्वान किया।

Post a Comment