Top News

व्यापम निधि पर घमासान, बेरोजगारों की फीस से जुटे 297 करोड़ पर सवाल

 


भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में कर्मचारी चयन मंडल (पूर्व व्यापम) की निधि को लेकर सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई। सदन में खुलासा हुआ कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों से प्राप्त शुल्क में से वर्ष 2022 में 137 करोड़ रुपये और 2023 में 160 करोड़ रुपये, कुल 297 करोड़ रुपये शिक्षा विभाग को प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के लिए हस्तांतरित किए गए। इसके बाद विपक्ष ने सवाल उठाया कि बेरोजगार युवाओं से परीक्षा शुल्क के रूप में ली गई राशि का उपयोग दूसरे उद्देश्य के लिए कैसे किया गया।



विपक्ष का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में कर्मचारी चयन मंडल की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में लगभग एक करोड़ से अधिक आवेदन आए, जिनसे बड़ी राशि परीक्षा शुल्क के रूप में एकत्र हुई। आरोप लगाया गया कि इसी निधि का हिस्सा शिक्षा विभाग को स्थानांतरित कर दिया गया, जबकि यह राशि भर्ती परीक्षाओं के संचालन और अभ्यर्थियों से जुड़ी व्यवस्थाओं पर खर्च की जानी चाहिए थी।


सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि राशि का हस्तांतरण विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत किया गया और इसका उपयोग मुख्यमंत्री की प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के संचालन में किया गया। सरकार ने किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता से इनकार किया है।


हालांकि, विपक्ष ने मांग की है कि कर्मचारी चयन मंडल की आय, परीक्षा शुल्क, व्यय और अन्य विभागों को हस्तांतरित राशि का स्वतंत्र लेखा परीक्षण (ऑडिट) कराया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अभ्यर्थियों से प्राप्त शुल्क का उपयोग नियमों के अनुरूप हुआ या नहीं।

Post a Comment

Previous Post Next Post