नई दिल्ली। भारतीय प्राथमिक शेयर बाजार में एक बार फिर जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। अगस्त महीने में करीब 25 कंपनियां आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से लगभग 35 हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं। इससे निवेशकों को नए अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वर्ष की पहली छमाही में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण कई कंपनियों ने अपने आईपीओ की योजनाएं टाल दी थीं। अब बाजार में स्थिरता लौटने और निवेशकों का भरोसा मजबूत होने के बाद कंपनियां पूंजी जुटाने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
इस बार नई पीढ़ी की प्रौद्योगिकी कंपनियां भी निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। विशेष रूप से जेप्टो और फोनपे जैसी कंपनियों के संभावित आईपीओ पर बाजार की पैनी नजर है। इनके अलावा विनिर्माण, वित्तीय सेवाएं, स्वास्थ्य सेवा, उपभोक्ता वस्तु और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कई अन्य कंपनियां भी बाजार में दस्तक देने की तैयारी कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बाजार में मौजूदा सकारात्मक माहौल बना रहता है, तो अगस्त भारतीय प्राथमिक शेयर बाजार के लिए इस वर्ष का सबसे व्यस्त महीना साबित हो सकता है। हालांकि, निवेशकों को किसी भी आईपीओ में निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार, लाभप्रदता, जोखिम और मूल्यांकन का सावधानीपूर्वक अध्ययन करना चाहिए। सोच-समझकर किया गया निवेश ही बेहतर प्रतिफल का आधार बन सकता है।

Post a Comment