नई दिल्ली। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में शुरू हो रहे राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत का 125 सदस्यीय दल पदकों की मजबूत उम्मीद के साथ उतर रहा है। भारतीय अभियान की अगुवाई दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, ओलंपिक पदक विजेता भारोत्तोलक मीराबाई चानू और मुक्केबाजी स्टार लवलीना बोरगोहेन करेंगी।
भारत की सबसे बड़ी चुनौती एथलेटिक्स में होगी, जहां भाला फेंक के दिग्गज नीरज चोपड़ा स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं भारोत्तोलन में मीराबाई चानू और मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन से भी स्वर्ण पदक की उम्मीद है। इसके अलावा भारत के खिलाड़ी जूडो, तैराकी, ट्रैक साइक्लिंग, जिम्नास्टिक और पैरा स्पर्धाओं में भी हिस्सा लेंगे।
इस बार राष्ट्रमंडल खेलों का कार्यक्रम पहले की तुलना में छोटा है और केवल 10 खेलों को शामिल किया गया है। ऐसे में भारत के लिए पदकों की कुल संख्या बढ़ाना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन अनुभवी खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।
भारत ने पिछली बार राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन किया था। अब ग्लासगो में भी देश की नजर नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन और अन्य खिलाड़ियों पर रहेगी, जो भारत को पदक तालिका में मजबूत स्थान दिलाने का प्रयास करेंगे।

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