बिलासपुर। भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए गए उसलापुर रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण कार्य पर उद्घाटन से पहले ही सवाल उठने लगे हैं। स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लगाई गई नई टाइल्स कई जगह धंस गई हैं और उखड़ने लगी हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रियों के लिए तैयार किया जा रहा था, वहां उद्घाटन से पहले ही निर्माण की खामियां सामने आना चिंताजनक है। प्लेटफॉर्म पर धंसी और टूटी टाइल्स से यात्रियों की सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, प्रवेश द्वार, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण किया गया है। लेकिन शुरुआती दौर में ही टाइल्स के धंसने की घटना ने निर्माण एजेंसी और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मामले की जानकारी मिलते ही तकनीकी टीम को निरीक्षण के लिए भेजा गया है। यदि जांच में निर्माण में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और खराब हिस्से को दोबारा बनाया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर सरकारी परियोजनाओं में गुणवत्ता, निगरानी और जवाबदेही पर बहस छेड़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल योजनाओं का उद्घाटन ही नहीं, बल्कि उनके निर्माण की गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, ताकि सार्वजनिक धन का सही उपयोग हो और आम जनता को टिकाऊ सुविधाएं मिल सकें।

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