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15 फीट दिखाई देता है, 64 फीट जमीन के नीचे है शिवलिंग! महाभारत काल से जुड़ा माना जाता है पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर

 

मेरठ (उत्तर प्रदेश)। बौद्धिक प्रतिकार।

सावन के पावन महीने में देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर एक बार फिर आस्था और रहस्य का केंद्र बना हुआ है। मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग का लगभग 15 फीट हिस्सा ही दिखाई देता है, जबकि करीब 64 फीट हिस्सा जमीन के भीतर समाया हुआ है।


श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस शिवलिंग की गहराई का आज तक पूरा पता नहीं लगाया जा सका। कई बार इसकी गहराई जानने के प्रयास किए गए, लेकिन कोई भी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच सका। इसी कारण इसे अत्यंत रहस्यमयी शिवलिंग माना जाता है।

महाभारत काल से जुड़ी मान्यता

स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर का संबंध महाभारत काल से माना जाता है। कहा जाता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहां भगवान शिव की आराधना की थी। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र ऐतिहासिक या पुरातात्विक पुष्टि उपलब्ध नहीं है और यह धार्मिक परंपराओं पर आधारित मान्यता है।

सावन में उमड़ती है लाखों श्रद्धालुओं की भीड़

सावन के प्रत्येक सोमवार और शिवरात्रि पर यहां दूर-दूर से श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना भगवान शिव अवश्य स्वीकार करते हैं।

आस्था और इतिहास का अद्भुत संगम

पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि अपनी प्राचीनता और रहस्यमयी शिवलिंग के कारण भी लोगों को आकर्षित करता है। इतिहास, पुरातत्व और धार्मिक मान्यताओं के बीच यह मंदिर आज भी शोध और जिज्ञासा का विषय बना हुआ है।

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