केंद्र सरकार देश को आयात पर निर्भरता से मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, उर्वरक, विशेष रसायन, औद्योगिक उपकरण और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों सहित 100 से अधिक उत्पादों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई प्रोत्साहन योजनाओं पर काम कर रही है। उद्देश्य है कि जिन वस्तुओं का आयात बड़े पैमाने पर होता है, उनका निर्माण भारत में ही हो और उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सके।
इसी दिशा में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सेमीकंडक्टर और स्मार्टफोन विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। सरकार का मानना है कि इससे उच्च तकनीक उद्योगों में निवेश बढ़ेगा, नई इकाइयां स्थापित होंगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इसके साथ ही वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में संभावित व्यवधानों और उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए घरेलू उर्वरक उत्पादन बढ़ाने की नीति को भी मंजूरी दी गई है। सरकार का लक्ष्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को सुरक्षित रखना और अंतरराष्ट्रीय संकटों के प्रभाव को कम करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो भारत का विनिर्माण क्षेत्र मजबूत होगा, आयात बिल में कमी आएगी, निर्यात क्षमता बढ़ेगी और देश आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाएगा।

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