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10 में 9 भारतीयों में असामान्य कोलेस्ट्रॉल का खतरा, आईसीएमआर अध्ययन ने बढ़ाई चिंता



नई दिल्ली। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के एक हालिया अध्ययन ने देश में हृदय स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जताई है। अध्ययन के अनुसार, लगभग 10 में से 9 भारतीय वयस्कों में कम से कम एक प्रकार की असामान्य रक्त वसा (लिपिड) की समस्या पाई गई है। इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी को "हाई कोलेस्ट्रॉल" है, बल्कि उनमें कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड जैसे लिपिड से जुड़ी कम से कम एक असामान्यता मौजूद है। 



सामान्य वजन वालों को भी खतरा


विशेषज्ञों का कहना है कि केवल मोटापा ही जोखिम का कारण नहीं है। सामान्य वजन वाले लोगों में भी खराब कोलेस्ट्रॉल, कम अच्छे कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) या बढ़े हुए ट्राइग्लिसराइड की समस्या हो सकती है। इसलिए केवल शरीर का वजन देखकर हृदय रोग के खतरे का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। 


कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के प्रमुख कारण


असंतुलित और तैलीय भोजन

शारीरिक गतिविधि की कमी

धूम्रपान और शराब का सेवन

मधुमेह और उच्च रक्तचाप

पारिवारिक (आनुवंशिक) कारण

लगातार तनाव और अपर्याप्त नींद


किन लोगों को अधिक सावधान रहने की जरूरत?


30 वर्ष से अधिक आयु के वयस्क

मधुमेह या उच्च रक्तचाप के मरीज

हृदय रोग का पारिवारिक इतिहास रखने वाले लोग

धूम्रपान करने वाले

कम शारीरिक गतिविधि वाले लोग


कैसे करें बचाव?

नियमित रूप से लिपिड प्रोफाइल की जांच कराएं।

ताजे फल, सब्जियां और साबुत अनाज को भोजन में शामिल करें।

तली-भुनी और अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री कम खाएं।

सप्ताह में कम से कम 150 मिनट व्यायाम करें।

धूम्रपान से बचें और शराब का सेवन सीमित रखें।

चिकित्सक की सलाह के अनुसार कोलेस्ट्रॉल की दवा लें, यदि आवश्यक हो।

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