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विवाहित बेटियों को भी मिलेगा अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार, सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसलाMarried daughters will also get the right to compassionate appointment, a historic decision of the Supreme Court

 

बौद्धिक प्रतिकार | प्रणव बजाज


नई दिल्ली।

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) के मामलों में विवाहित बेटियों के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि केवल विवाह हो जाने के आधार पर किसी बेटी को परिवार का सदस्य मानने से इंकार करना संविधान में प्रदत्त समानता के अधिकार के खिलाफ है।


सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिवार आर्थिक संकट में है, तो विवाहित बेटी भी अनुकंपा नियुक्ति की पात्र हो सकती है। उसे केवल इस आधार पर वंचित नहीं किया जा सकता कि उसका विवाह हो चुका है।

लैंगिक समानता पर जोर

अदालत ने कहा कि वर्तमान समय में बेटियां भी परिवार की जिम्मेदारियां उठाती हैं और कई मामलों में माता-पिता का आर्थिक सहारा बनती हैं। ऐसे में विवाहित और अविवाहित बेटी के बीच कृत्रिम भेद करना उचित नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि सरकारी नियमों और नीतियों को संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 15 (लिंग के आधार पर भेदभाव निषेध) की भावना के अनुरूप होना चाहिए।

लाखों परिवारों को मिलेगा लाभ

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर देशभर के हजारों लंबित मामलों पर पड़ सकता है। कई राज्यों और सरकारी विभागों में अब भी ऐसे नियम मौजूद हैं, जहां विवाहित बेटियों को अनुकंपा नियुक्ति से बाहर रखा जाता था।

महिलाओं के अधिकारों की दिशा में बड़ा कदम

महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि यह निर्णय बेटियों को परिवार का समान सदस्य मानने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे सरकारी सेवाओं में लैंगिक समानता को भी मजबूती मिलेगी।

बड़ा सवाल

अब निगाहें राज्य सरकारों और विभिन्न सरकारी विभागों पर हैं कि वे अपने नियमों में कब और कैसे बदलाव करते हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला स्पष्ट संकेत देता है कि विवाहित बेटी भी परिवार की उतनी ही जिम्मेदार सदस्य है जितना कोई बेटा या अविवाहित बेटी।

यह निर्णय न केवल कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में बेटियों की भूमिका और अधिकारों को लेकर बदलती सोच का भी प्रतीक माना जा रहा है।

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