नई दिल्ली।
यूरोप और दुनिया के अन्य देशों की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। जर्मनी ने भारतीय नागरिकों के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा (Airport Transit Visa) की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
अब भारतीय यात्री जर्मनी के हवाई अड्डों से होकर किसी तीसरे देश की यात्रा करते समय ट्रांजिट वीजा के बिना भी ट्रांजिट क्षेत्र में रुक सकेंगे, बशर्ते वे निर्धारित नियमों और यात्रा दस्तावेजों की शर्तें पूरी करते हों।
भारत ने किया स्वागत
भारत सरकार ने जर्मनी के इस फैसले का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संपर्क, व्यापार, शिक्षा और पर्यटन संबंधों को और मजबूत करेगा।
मोदी-मर्ज़ वार्ता का असर
यह निर्णय भारत और जर्मनी के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों का भी प्रतीक माना जा रहा है। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के बीच हुई चर्चाओं में भी सहमति बनी थी। दोनों देशों ने नागरिकों की आवाजाही को आसान बनाने पर जोर दिया था।
यात्रियों को होगा सीधा फायदा
इस फैसले से विशेष रूप से उन भारतीय छात्रों, व्यवसायियों और पर्यटकों को लाभ मिलेगा जो यूरोप, अमेरिका, कनाडा या अन्य देशों की यात्रा के दौरान जर्मनी के फ्रैंकफर्ट, म्यूनिख और बर्लिन जैसे प्रमुख एयरपोर्ट का उपयोग करते हैं।
अब उन्हें केवल ट्रांजिट के लिए अलग से वीजा लेने की जटिल प्रक्रिया और अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी।
भारत-जर्मनी संबंधों को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई गति देगा। जर्मनी पहले से ही भारतीय छात्रों और पेशेवरों के लिए यूरोप के सबसे पसंदीदा देशों में से एक है।
बड़ा संदेश
जर्मनी का यह कदम केवल वीजा नियमों में बदलाव नहीं, बल्कि भारत के प्रति बढ़ते विश्वास और दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों का संकेत भी माना जा रहा है। अब भारतीय यात्रियों की अंतरराष्ट्रीय यात्रा पहले की तुलना में और अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।

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