कोलकाता।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी असंतोष के बीच पार्टी प्रमुख Mamata Banerjee को एक और बड़ा झटका लगा है। वरिष्ठ टीएमसी नेता और पूर्व उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) आशीष बनर्जी ने बीरभूम जिला अध्यक्ष और जिला कोर कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को अपना इस्तीफा भेजते हुए कहा कि अब वह केवल एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में पार्टी में बने रहेंगे।
इस्तीफे की वजह क्या बताई?
आशीष बनर्जी ने खुलकर कहा कि बीरभूम की कोर कमेटी लगभग निष्क्रिय हो चुकी थी और विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद भी संगठनात्मक समीक्षा नहीं हुई। उनका कहना है कि कोर कमेटी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफल रही, जिसके कारण जिले में पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
उन्होंने यह भी कहा कि जिले की 11 विधानसभा सीटों में से TMC इस बार 6 सीटें हार गई, जबकि 2021 में पार्टी को केवल एक सीट पर हार का सामना करना पड़ा था। इसी कारण उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।
पहले भी हो चुका है इस्तीफा
आशीष बनर्जी से पहले लाभपुर के पूर्व विधायक Abhijit Sinha भी बीरभूम जिला कोर कमेटी से इस्तीफा दे चुके हैं। उन्होंने भी चुनावी हार और संगठन की निष्क्रियता को लेकर सवाल उठाए थे।
TMC में बढ़ती अंदरूनी कलह
हाल के दिनों में TMC को कई मोर्चों पर झटके लगे हैं। पार्टी ने दो विधायकों को "पार्टी विरोधी गतिविधियों" के आरोप में निष्कासित किया, जबकि कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों के इस्तीफों से संगठन के भीतर असंतोष की चर्चा तेज हो गई है।
राजनीतिक मायने
विश्लेषकों का मानना है कि आशीष बनर्जी का इस्तीफा केवल एक संगठनात्मक बदलाव नहीं है, बल्कि यह बीरभूम जैसे महत्वपूर्ण जिले में पार्टी की आंतरिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। ऐसे समय में जब ममता बनर्जी लगातार पार्टी को एकजुट रखने की कोशिश कर रही हैं, वरिष्ठ नेताओं के इस्तीफे TMC के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।
बड़ा सवाल
क्या यह केवल चुनावी हार के बाद की नाराजगी है, या फिर TMC के भीतर बड़े स्तर पर संगठनात्मक असंतोष पनप रहा है? आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया और संभावित नए इस्तीफों पर सबकी नजर रहेगी।

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