बौद्धिक प्रतिकार ।उज्जैन
विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती में शामिल होने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं को अब साइबर ठग अपना निशाना बना रहे हैं। ताजा मामले में एक श्रद्धालु से भस्म आरती में प्रवेश दिलाने और वीआईपी व्यवस्था का झांसा देकर ₹4250 की ठगी कर ली गई
।
पीड़ित श्रद्धालु ने बताया कि उसे सोशल मीडिया और इंटरनेट पर उपलब्ध एक नंबर के माध्यम से संपर्क मिला। सामने वाले व्यक्ति ने खुद को मंदिर व्यवस्था से जुड़ा बताते हुए भस्म आरती की बुकिंग कराने का दावा किया। इसके बाद ऑनलाइन भुगतान करवाकर संपर्क तोड़ दिया।
आस्था को बना रहे हथियार
साइबर अपराधी अब धार्मिक स्थलों और प्रसिद्ध मंदिरों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं। महाकाल मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन और भस्म आरती के लिए पहुंचते हैं, जिसका फायदा उठाकर ठग फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज और मोबाइल नंबरों के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं।
मंदिर प्रशासन की अपील
मंदिर प्रशासन और पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भस्म आरती, दर्शन, वीआईपी पास या किसी भी प्रकार की बुकिंग केवल आधिकारिक माध्यमों से ही कराएं। किसी अनजान व्यक्ति, एजेंट या सोशल मीडिया पर मिले नंबर पर पैसे ट्रांसफर न करें।
बढ़ रहे साइबर अपराध
विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक पर्यटन बढ़ने के साथ-साथ इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कई मामलों में श्रद्धालु जल्दबाजी या जानकारी के अभाव में ठगी का शिकार हो जाते हैं।
कैसे बचें?
केवल आधिकारिक पोर्टल से ही बुकिंग करें।
सोशल मीडिया पर दिखने वाले विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
किसी निजी खाते में पैसे ट्रांसफर करने से पहले पूरी जांच करें।
ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
बड़ा सवाल
जब आस्था भी साइबर अपराधियों के निशाने पर है, तब क्या श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए और सख्त अभियान चलाने की जरूरत नहीं है? महाकाल के नाम पर हुई यह ठगी एक बार फिर चेतावनी देती है कि ऑनलाइन सुविधा के साथ सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।

Post a Comment