तिरुवनंतपुरम। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर केरल में राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar और कांग्रेस नीत सरकार के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। राज्यपाल द्वारा अधिकारियों की समीक्षा बैठक बुलाए जाने पर सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई है।
सरकार का कहना है कि प्रशासनिक तैयारियों और सरकारी कार्यक्रमों की समीक्षा करना निर्वाचित सरकार का अधिकार है। ऐसे मामलों में राज्यपाल की सीधी भूमिका नहीं होनी चाहिए। सरकार ने इस कदम को संवैधानिक परंपराओं के विपरीत बताते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने की बात कही है।
वहीं राजभवन का पक्ष है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस राष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम है और इसके सफल आयोजन के लिए समन्वय एवं तैयारियों की समीक्षा करना आवश्यक था। राज्यपाल ने अधिकारियों से कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी ली और बेहतर आयोजन पर जोर दिया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद केवल योग दिवस तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच लंबे समय से चल रहे अधिकार क्षेत्र के मतभेद का हिस्सा है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर संवैधानिक मर्यादाओं और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर बहस छेड़ दी है।

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