मध्य प्रदेश का चर्चित दमोह फर्जी डॉक्टर कांड अब एक बड़े रैकेट का रूप लेता दिखाई दे रहा है। जांच में सामने आया है कि फर्जी MBBS डिग्री और नकली मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन के सहारे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में नौकरी हासिल की गई। पुलिस ने अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
अब तक जिन नामों का खुलासा हुआ
जांच और मीडिया रिपोर्टों में जिन आरोपियों के नाम सामने आए हैं:
1. नरेंद्र विक्रमादित्य यादव उर्फ N. John Camm
कथित फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट
दमोह मिशन अस्पताल में इलाज और सर्जरी करने के आरोप
फर्जी डिग्री और रजिस्ट्रेशन का मामला
2. कुमार सचिन यादव (ग्वालियर)
संजीवनी क्लिनिक में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति का आरोप
3. राजपाल गौर (सीहोर
फर्जी MBBS डिग्री और मेडिकल रजिस्ट्रेशन के आरोप
4. अजय मौर्य (जबलपुर)
कथित रूप से फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे कार्यरत पाए गए
5. NHM भोपाल का एक आईटी असिस्टेंट
नियुक्ति प्रक्रिया और पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड कराने में भूमिका की जांच
गिरफ्तारी की पुष्टि हो चुकी है
9 और डॉक्टरों की चर्चा, लेकिन नाम अभी सार्वजनिक नहीं
द सूत्र सहित कई रिपोर्टों में 9 और डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन संदिग्ध या फर्जी मिलने की बात कही गई है, लेकिन पुलिस, CMHO और जांच एजेंसियों ने अभी उनकी आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की है। इसलिए बिना सरकारी दस्तावेज के उन नामों को प्रकाशित करना उचित नहीं होगा।
कैसे चलता था खेल?
फर्जी MBBS डिग्री तैयार कराई जाती थी।
नकली मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन बनवाए जाते थे।
सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में नियुक्ति दिलाई जाती थी।
महीनों तक मरीजों का इलाज किया जाता रहा।
जांच होने पर पूरा नेटवर्क सामने आने लगा।
सबसे बड़ा सवाल
अगर डिग्रियां फर्जी थीं तो:
नियुक्ति किसने की?
दस्तावेज किसने सत्यापित किए?
मेडिकल काउंसिल के रिकॉर्ड कैसे पास हुए?
क्या स्वास्थ्य विभाग के अंदर भी कोई नेटवर्क सक्रिय था?
तीखी संपादकीय लाइन
"सफेद कोट में छिपे फर्जीवाड़े ने स्वास्थ्य व्यवस्था को बीमार कर दिया है। सवाल सिर्फ नकली डॉक्टरों का नहीं, बल्कि उन अधिकारियों का भी है जिनकी आंखों के सामने यह खेल वर्षों तक चलता रहा।"
धमाकेदार हेडिंग
"मौत का मेडिकल माफिया! फर्जी डिग्री से बने डॉक्टर, सरकारी नौकरी तक पहुंचा रैकेट"
"दमोह से भोपाल तक नकली डॉक्टरों का जाल, अब खुल रही स्वास्थ्य विभाग की परतें"
"सफेद कोट में काला कारोबार! फर्जी डॉक्टरों ने कैसे ठगा पूरा सिस्टम?"

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