बदलती जलवायु और खाद्य सुरक्षा पर सदस्य देशों के बीच मंथन, टिकाऊ कृषि मॉडल पर जोर
ब्रिक्स देशों के कृषि कार्य समूह (AWG) सम्मेलन में कृषि क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। सम्मेलन के पहले दिन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव आतीश चंद्र ने सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों, खाद्य सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने जैसी चुनौतियों का प्रभावी समाधान केवल आपसी सहयोग, नवाचार और ज्ञान के आदान-प्रदान से ही संभव है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों, अनुसंधान और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि उत्पादन पर पड़ रहे प्रभाव, टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने, आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर विशेष चर्चा हुई। सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने देशों के अनुभव साझा किए और कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
सम्मेलन में इस बात पर भी जोर दिया गया कि कृषि को अधिक लचीला, टिकाऊ और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत किया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
ब्रिक्स कृषि कार्य समूह की यह बैठक सदस्य देशों के बीच कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को नई दिशा देने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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