नई दिल्ली। देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग का सबसे बड़ा फायदा अब भारतीय कंपनियों को भी मिलने लगा है। इसी कड़ी में ने शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए बीते वित्त वर्ष में अपनी आय और मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है।
कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में उसका राजस्व करीब 90 प्रतिशत बढ़कर 2,183 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) में भी लगभग 81 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी की इस उपलब्धि के पीछे एआई, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC), डेटा सेंटर और उन्नत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
नेटवेब टेक्नोलॉजीज देश की उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है जो एआई आधारित कंप्यूटिंग सिस्टम, सुपरकंप्यूटर, सर्वर और डेटा प्रोसेसिंग समाधान विकसित करती हैं। कंपनी का दावा है कि वह ग्राहकों को एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर संपूर्ण समाधान उपलब्ध करा रही है, जिससे उसकी मांग तेजी से बढ़ी है।
सबसे खास बात यह है कि कंपनी पूरी तरह कर्ज-मुक्त (Debt Free) है और उसके पास वर्तमान में 2,400 करोड़ रुपये से अधिक का ऑर्डर बुक मौजूद है। यह ऑर्डर बुक आने वाले समय में कंपनी की आय और विकास को नई गति दे सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग और डेटा सेंटर सेक्टर में तेजी से हो रहे निवेश का लाभ नेटवेब जैसी घरेलू कंपनियों को मिल रहा है। सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों में एआई आधारित समाधानों की मांग बढ़ने से कंपनी के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, एआई क्रांति केवल वैश्विक तकनीकी दिग्गजों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय कंपनियां भी इस बदलाव का लाभ उठाते हुए नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही हैं। नेटवेब टेक्नोलॉजीज का प्रदर्शन इसी बदलते परिदृश्य की एक बड़ी मिसाल माना जा रहा है।

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