Top News

आधार कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ पहचान के लिए हो: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से मांगा जवाबAadhaar card should be used only for identification: Supreme Court seeks response from Centre and states

 

नई दिल्ली। Supreme Court of India ने आधार कार्ड के उपयोग को लेकर दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर केंद्र सरकार, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जवाब तलब किया है। याचिका में मांग की गई है कि आधार कार्ड का उपयोग केवल पहचान (Identity Proof) के रूप में किया जाए, न कि नागरिकता, निवास, पता या जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर। 


मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant और न्यायमूर्ति Justice V Mohana की पीठ ने इस मामले में नोटिस जारी करते हुए केंद्र, राज्यों और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अदालत ने इस याचिका को पहले से लंबित समान मामलों के साथ जोड़ दिया है। 

याचिका अधिवक्ता Ashwini Kumar Upadhyay की ओर से दायर की गई है। इसमें दावा किया गया है कि कई सरकारी प्रक्रियाओं और दस्तावेजों में आधार कार्ड को जन्मतिथि, पते और नागरिकता के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जा रहा है, जबकि Unique Identification Authority of India द्वारा जारी आधार का मूल उद्देश्य केवल व्यक्ति की पहचान स्थापित करना है। 

याचिका में कहा गया है कि Aadhaar Act 2016 की धारा 9 के अनुसार आधार संख्या अपने आप में नागरिकता या डोमिसाइल (निवास) का प्रमाण नहीं है। इसके बावजूद कई जगह इसे निवास, आयु और नागरिकता के प्रमाण के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जो कानून की भावना के विपरीत है। 

याचिकाकर्ता ने विशेष रूप से मतदाता पंजीकरण के लिए उपयोग होने वाले फॉर्म-6 में आधार को जन्मतिथि और पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार किए जाने पर भी सवाल उठाया है। उनका तर्क है कि इससे सत्यापन प्रक्रिया कमजोर हो सकती है और कानूनी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। 

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले में कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है, लेकिन केंद्र और राज्यों से जवाब मांगकर इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर विस्तृत सुनवाई का रास्ता खोल दिया है। अदालत के आगामी निर्णय का असर आधार कार्ड के उपयोग से जुड़ी कई सरकारी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post