इंदौर। मध्य प्रदेश में आय से अधिक संपत्ति के मामलों पर लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने महिला एवं बाल विकास विभाग में पदस्थ संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई कर करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा किया है।
लोकायुक्त सूत्रों के अनुसार अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत प्राप्त हुई थी। प्रारंभिक जांच में शिकायत के तथ्यों की पुष्टि होने के बाद मंगलवार सुबह विशेष टीम ने इंदौर स्थित निवास समेत अन्य ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की।
9 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति मिली
छापेमारी के दौरान लोकायुक्त को अब तक 9 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। जांच में सामने आया है कि अधिकारी और उनके परिजनों के नाम पर बड़ी मात्रा में अचल संपत्ति दर्ज है।
जांच में क्या-क्या मिला?
लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में—
13 रजिस्टर्ड टाइटल वाली जमीनें
एक व्यावसायिक (कमर्शियल) भवन
पीथमपुर क्षेत्र के पास कृषि भूमि
कमर्शियल प्लॉट से संबंधित दस्तावेज
अन्य निवेश और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड
बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
दस्तावेजों की जांच जारी
लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों और निवेश संबंधी रिकॉर्ड का मूल्यांकन किया जा रहा है। संपत्तियों का वास्तविक बाजार मूल्य प्रारंभिक अनुमान से अधिक भी हो सकता है। जांच पूरी होने के बाद आय और संपत्ति के अनुपात का विस्तृत आकलन किया जाएगा
बढ़ सकते हैं कानूनी शिकंजे
यदि जांच में यह साबित होता है कि संपत्ति वैध आय के स्रोतों से अधिक है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रदेश में हाल के वर्षों में आय से अधिक संपत्ति के मामलों में लोकायुक्त की यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। फिलहाल टीम दस्तावेजों की जांच और संपत्तियों के सत्यापन में जुटी हुई है।

Post a Comment