मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सात सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के संपर्क में हैं। हाल के दिनों में कुछ सांसदों की शिंदे खेमे से मुलाकातों की खबरों ने इन चर्चाओं को और बल दिया है।
रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली और महाराष्ट्र में हुई कुछ बैठकों के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि उद्धव गुट के कई सांसद भविष्य की राजनीतिक रणनीति को लेकर नए विकल्प तलाश रहे हैं। हालांकि अब तक किसी सांसद ने सार्वजनिक रूप से दल बदलने की पुष्टि नहीं की है।
इससे पहले भी अप्रैल 2026 में "ऑपरेशन टाइगर" की चर्चा के दौरान दावा किया गया था कि उद्धव गुट के कई सांसद शिंदे के संपर्क में हैं। उस समय शिंदे और उनके पुत्र श्रीकांत शिंदे ने ऐसे किसी अभियान से इनकार किया था, जबकि शिंदे समर्थक नेताओं ने असंतोष की बात स्वीकार की थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि उद्धव गुट के सात सांसद वास्तव में शिंदे खेमे में जाते हैं, तो यह 2022 में शिवसेना विभाजन के बाद ठाकरे गुट के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हो सकता है। वहीं महायुति की संसदीय ताकत और बढ़ जाएगी।
फिलहाल पूरी स्थिति अटकलों और राजनीतिक चर्चाओं के स्तर पर है। न तो उद्धव ठाकरे गुट और न ही शिंदे गुट की ओर से किसी बड़े सामूहिक दल-बदल की आधिकारिक घोषणा की गई है। आने वाले दिनों में सांसदों की गतिविधियों और पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

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