मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का दावा- "डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट" अभियान जारी, सीमा पर भी बढ़ाई जा रही सख्ती
पश्चिम बंगाल सरकार ने अवैध घुसपैठ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का दावा करते हुए कहा है कि अब तक करीब 4,800 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को वापस बांग्लादेश भेजा जा चुका है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के अनुसार 836 अन्य लोगों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें भी निर्वासित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में "डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट" नीति के तहत अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की कार्रवाई तेज की गई है। सरकार का दावा है कि भारत-बांग्लादेश सीमा को सुरक्षित बनाने के लिए बाड़बंदी और निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
राज्य सरकार पहले ही विभिन्न जिलों में होल्डिंग सेंटर स्थापित कर चुकी है, जहां संदिग्ध अवैध विदेशी नागरिकों को सत्यापन और निर्वासन की प्रक्रिया पूरी होने तक रखा जा रहा है। मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे सीमावर्ती जिलों में इस अभियान को विशेष रूप से तेज किया गया है।
हाल के दिनों में सरकार ने पुलिस और अन्य एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध प्रवासियों की पहचान होने पर उन्हें शीघ्र कार्रवाई के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपा जाए। मुख्यमंत्री कई बार सार्वजनिक मंचों से भी घुसपैठ के मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ चुके हैं।
इस अभियान को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। एक ओर सरकार इसे सीमा सुरक्षा और कानून व्यवस्था का मुद्दा बता रही है, वहीं दूसरी ओर इस प्रक्रिया को लेकर कानूनी और मानवीय पहलुओं पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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