नई दिल्ली।
केंद्र सरकार ने देश में लंबे समय तक रहने वाले विदेशी नागरिकों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा अधिसूचित "इमिग्रेशन और विदेशियों (संशोधन) नियम, 2026" के तहत अब भारत में 180 दिनों से अधिक रुकने की योजना बनाने वाले विदेशी नागरिकों को 180 दिन पूरे होने का इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि उससे पहले ही अनिवार्य रूप से पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराना होगा।
नए नियमों का उद्देश्य देश में रह रहे विदेशी नागरिकों की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना बताया गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, समय रहते रजिस्ट्रेशन होने से आपातकालीन परिस्थितियों में विदेशी नागरिकों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया तेज होगी।
क्या बदला?
पहले 180 दिनों से अधिक ठहरने वाले विदेशियों के लिए पंजीकरण संबंधी प्रावधान थे, लेकिन अब संशोधित नियमों में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि कोई विदेशी नागरिक 180 दिन या उससे अधिक भारत में रहने वाला है, तो उसे अवधि पूरी होने से पहले ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
सरकार का तर्क
सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेशी नागरिकों के रिकॉर्ड प्रबंधन और इमिग्रेशन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है। नया ढांचा 2025 के इमिग्रेशन एवं फॉरेनर्स कानून के तहत बनाए गए व्यापक सुधारों का हिस्सा है।
विपक्ष के सवाल
हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि नियमों के कड़ाई से पालन से प्रशासनिक निगरानी बेहतर होगी, वहीं आलोचकों का कहना है कि इससे विदेशी छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों पर अतिरिक्त औपचारिकताओं का बोझ बढ़ सकता है। फिलहाल सरकार ने इसे सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए जरूरी कदम बताया है।
देश में आने वाले विदेशी नागरिकों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है और आने वाले समय में FRRO/FRO पंजीकरण प्रक्रिया पर विशेष नजर रखी जाएगी।

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