महिलाओं में अचानक वजन बढ़ना केवल खानपान या कम शारीरिक गतिविधि की वजह से ही नहीं होता, बल्कि इसके पीछे हॉर्मोन असंतुलन भी एक बड़ा कारण हो सकता है। शरीर में हॉर्मोन्स की गड़बड़ी चयापचय, भूख, वसा जमा होने और ऊर्जा स्तर को प्रभावित करती है, जिससे वजन तेजी से बढ़ने लगता है।
विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं में इन हॉर्मोन्स की गड़बड़ी वजन बढ़ाने का कारण बन सकती है—
थायरॉयड हॉर्मोन
थायरॉयड ग्रंथि की कमी होने पर शरीर का चयापचय धीमा हो जाता है। इससे शरीर कम ऊर्जा खर्च करता है और वजन बढ़ने लगता है। थकान, बाल झड़ना और सूजन इसके सामान्य संकेत हैं।
इंसुलिन
शरीर में इंसुलिन का संतुलन बिगड़ने पर रक्त में शर्करा का स्तर प्रभावित होता है। इससे शरीर में अतिरिक्त वसा जमा होने लगती है और मोटापा बढ़ सकता है।
कॉर्टिसोल
तनाव बढ़ने पर कॉर्टिसोल हॉर्मोन अधिक बनने लगता है। लंबे समय तक तनाव रहने से पेट के आसपास चर्बी तेजी से जमा हो सकती है।
एस्ट्रोजन
महिलाओं में एस्ट्रोजन हॉर्मोन का असंतुलन शरीर में वसा जमा होने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। खासकर रजोनिवृत्ति के दौरान वजन बढ़ने की समस्या अधिक देखी जाती है।
प्रोजेस्टेरोन
इस हॉर्मोन में बदलाव होने से शरीर में पानी रुकने लगता है, जिससे सूजन और वजन बढ़ने जैसा महसूस हो सकता है।
पीसीओएस से जुड़ी हॉर्मोन गड़बड़ी
बहुत सी महिलाओं में बहुअंडाशय समस्या के कारण हॉर्मोन असंतुलन होता है, जिससे वजन तेजी से बढ़ता है और उसे कम करना मुश्किल हो जाता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अचानक वजन बढ़ने, अनियमित मासिक धर्म, थकान या अत्यधिक भूख जैसी समस्याएं दिखें तो डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव कम करना हॉर्मोन संतुलन बनाए रखने में मददगार माना जाता है।

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