दूध को हमेशा से एक संपूर्ण आहार माना गया है, बचपन से ही हमें सिखाया जाता है कि रोज दूध पीना सेहत के लिए अच्छा होता है, इसमें कैल्शियम, प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को मजबूत बनाते हैं, लेकिन हाल के कुछ अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि बहुत अधिक मात्रा में दूध का सेवन कुछ लोगों में एक गंभीर बीमारी के खतरे को बढ़ा सकता है, जिसे (पार्किंसन रोग) कहा जाता है. आइए इस बारे में डॉ. सुमोल रत्ना (सहायक प्रोफेसर, चिकित्सा विभाग, एनआईआईएमएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, ग्रेटर नोएडा) से जानते हैं.
डॉ. सुमोल रत्ना ने बचाया कि पार्किंसन रोग एक ऐसी बीमारी है, जो हमारे दिमाग (मस्तिष्क) को प्रभावित करती है, इसमें धीरे-धीरे शरीर के अंगों का नियंत्रण कम होने लगता है. व्यक्ति के हाथ कांपने लगते हैं, चलने में दिक्कत होती है और शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है. यह एक लाइलाज बीमारी मानी जाती है, यानी इसे पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन दवाओं से इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है. कुछ रिसर्च में पाया गया है कि जो लोग लंबे समय तक बहुत ज्यादा मात्रा में दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करते हैं, उनमें इस बीमारी का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है. हालांकि यह बात हर व्यक्ति पर लागू नहीं होती, लेकिन फिर भी यह एक चिंता का विषय है.
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि यह जोखिम मुख्य रूप से ज्यादा मात्रा में दूध पीने से जुड़ा हुआ है, अगर कोई व्यक्ति संतुलित मात्रा में दूध पीता है, तो इससे आमतौर पर कोई नुकसान नहीं होता. समस्या तब होती है जब हम जरूरत से ज्यादा किसी भी चीज का सेवन करते हैं.
आजकल लोगों की जीवनशैली भी बदल गई है. कई लोग दिन में कई बार दूध, चाय, कॉफी या डेयरी प्रोडक्ट्स लेते हैं. इसके साथ ही फिजिकल एक्टिविटी कम हो गई है, जिससे शरीर पर इसका असर ज्यादा पड़ता है. ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी डाइट पर ध्यान दें और संतुलन बनाए रखें.

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