‘अरिहंत पाम’ के कॉलोनाइजर अजय सुराणा और पर्व सुराणा पर 200 से ज्यादा प्लॉट बेचने के आरोप
बौद्धिक प्रतिकार | प्रणव बजाज
इंदौर। कनाड़िया क्षेत्र स्थित चर्चित प्रोजेक्ट “अरिहंत पाम” एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। कॉलोनाइजर अजय सुराणा और पर्व सुराणा पर आरोप है कि उन्होंने बिना वैध टीएनसी और पूर्ण अनुमति के डायरी पर 200 से अधिक प्लॉट बेच दिए। दो साल बीत जाने के बाद भी कई खरीदारों को न तो प्लॉट का कब्जा मिला और न ही उनकी जमा राशि वापस की गई।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 में “अरिहंत पाम” परियोजना का बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार किया गया था। अजय सुराणा और पर्व सुराणा द्वारा लोगों को भरोसा दिलाया गया कि कॉलोनी की टीएनसी जल्द मंजूर हो जाएगी और सभी जरूरी सुविधाओं के साथ विकसित प्लॉट दिए जाएंगे। इसी भरोसे में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जीवनभर की बचत इस परियोजना में लगा दी।
पीड़ित खरीदारों का आरोप है कि पहले उन्हें कुछ महीनों में टीएनसी मिलने का आश्वासन दिया गया, लेकिन आज तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। कई लोगों ने पहली और दूसरी किश्त तक जमा कर दी, लेकिन अब उन्हें सिर्फ तारीख पर तारीख दी जा रही है। खरीदारों का कहना है कि जब भी वे पैसा वापस मांगते हैं, तो उन्हें टाल दिया जाता है।
मामले में प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना प्रशासनिक मिलीभगत के इतने बड़े स्तर पर डायरी पर प्लॉट बेचने का खेल संभव नहीं है। बताया जा रहा है कि परियोजना से जुड़े दस्तावेजों और भुगतान रिकॉर्ड की जांच की मांग भी तेज हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक 200 से अधिक परिवार इस पूरे मामले से प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई पीड़ित अब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सामूहिक शिकायत देने की तैयारी कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो करोड़ों रुपये का यह मामला और बड़ा विवाद बन सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन कॉलोनाइजर अजय सुराणा और पर्व सुराणा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा या फिर आम लोगों की गाढ़ी कमाई इसी तरह फंसती रहेगी?

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