नई दिल्ली।बौद्धिक प्रतिकार
रिसर्च में खुलासा- अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड बच्चों की सेहत पर डाल रहा बुरा असर, सांस संबंधी बीमारियों का बढ़ रहा जोखिम
बीते कुछ वर्षों में बच्चों के खानपान में अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड का चलन तेजी से बढ़ा है। चिप्स, पैकेज्ड स्नैक्स, इंस्टेंट नूडल्स, कोल्ड ड्रिंक्स और रेडी-टू-ईट फूड अब बच्चों की रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा बनते जा रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसे लेकर गंभीर चिंता जताई है। हाल ही में हुई एक रिसर्च में सामने आया है कि इस तरह का भोजन बच्चों में अस्थमा का खतरा बढ़ा सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड में अत्यधिक नमक, शुगर, अनहेल्दी फैट, प्रिजर्वेटिव और कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। ये तत्व बच्चों की इम्यूनिटी और फेफड़ों की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। रिसर्च में पाया गया कि जो बच्चे नियमित रूप से इस तरह का भोजन करते हैं, उनमें सांस संबंधी समस्याएं और अस्थमा के लक्षण ज्यादा देखने को मिले।
डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों का शरीर तेजी से विकसित होता है, इसलिए गलत खानपान का असर भी जल्दी दिखाई देता है। प्रोसेस्ड फूड शरीर में सूजन बढ़ाने का काम करता है, जिससे एलर्जी और सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने माता-पिता को सलाह दी है कि बच्चों की डाइट में ताजे फल, हरी सब्जियां, घर का बना भोजन और पौष्टिक चीजें शामिल करें। साथ ही पैकेज्ड और जंक फूड की मात्रा कम से कम रखें।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बचपन से ही सही खानपान की आदत डाली जाए, तो बच्चों को भविष्य में कई गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है।

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