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CM शुभेंदु के फैसले से तिलमिलाए बांग्लादेशी नेता, दिया भड़काऊ बयान, कहा-‘तो लोग खुद संभालेंगे बॉर्डर’Bangladeshi leaders, infuriated by CM Shubhendu's decision, made an inflammatory statement, saying, "Then people will manage the border themselves."

 


बांग्लादेश (Bangladesh) में भारत विरोधी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। अब नेशनल सिटिजन पार्टी के संयोजक और मोहम्मद यूनुस के करीबी माने जाने वाले नाहिद इस्लाम का (Nahid Islam) ने भारत-बांग्लादेश सीमा को लेकर विवादित बयान दिया है। नाहिद इस्लाम का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर कंटीली तारबंदी तेज करने और सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 45 दिनों के भीतर जमीन उपलब्ध कराने का ऐलान किया है।


 


बताया जा रहा है कि सीमा से जुड़े जिलों में प्रशासन और BSF ने जमीनी सर्वे और तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। भारतीय जनता पार्टी लंबे समय से बांग्लादेश से होने वाली अवैध घुसपैठ को बड़ा मुद्दा बनाती रही है। ढाका में आयोजित “शापला नरसंहार: दंडहीनता का एक दशक” कार्यक्रम में बोलते हुए नाहिद इस्लाम ने कहा कि अगर सरकार सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रहती है तो लोग खुद सीमाओं की रक्षा की जिम्मेदारी उठाएंगे। उन्होंने सीमा पर हो रही कथित हत्याओं और नई कंटीली तारबंदी की आलोचना करते हुए कहा कि अगर एक देश लगातार बाड़ लगाता रहे और दूसरे देश के नागरिकों की हत्या होती रहे तो दोनों देशों के बीच सच्ची दोस्ती संभव नहीं हो सकती।


नाहिद ने कहा कि कंटीली तारों के पीछे रहकर वास्तविक संबंध नहीं बनाए जा सकते। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक दिन पड़ोसी देश के लोग इन बाड़ों को हटाकर बांग्लादेश के साथ “सच्चे रिश्ते” बनाएंगे। उन्होंने भारत में मुसलमानों के उत्पीड़न का भी आरोप लगाया, हालांकि अपने दावों के समर्थन में कोई प्रमाण पेश नहीं किया। नाहिद इस्लाम ने यह भी दावा किया कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा को लेकर प्रचार किया जा सकता है ताकि दूसरे स्थानों पर हिंसा को सही ठहराया जा सके। उन्होंने कहा कि जुलाई आंदोलन के दौरान मदरसा छात्रों ने मंदिरों की सुरक्षा की थी और उनकी पार्टी सभी धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए तैयार है। इसके अलावा उन्होंने 2013 के शापला चौक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि यदि उस समय जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई होती तो बाद की हिंसा रोकी जा सकती थी।

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