नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने नई श्रम संहिता को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार का कहना है कि इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा, कामकाज की पारदर्शिता बढ़ाना और उद्योगों में श्रम व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
सरकार के अनुसार नए नियमों के तहत कर्मचारियों के वेतन, कार्य समय, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और कार्यस्थल पर सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को और मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही कंपनियों और संस्थानों को श्रम कानूनों के पालन में अधिक जवाबदेह बनाया जाएगा।
केंद्र का कहना है कि नई श्रम संहिता से उद्योगों को प्रक्रियाओं में सरलता मिलेगी, जबकि श्रमिकों को समय पर वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सकेगा।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक राज्यों के साथ समन्वय बनाकर इन दिशा-निर्देशों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके लिए श्रम विभागों और उद्योग संगठनों को भी आवश्यक निर्देश भेजे गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई श्रम संहिता लागू होने से रोजगार व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी, हालांकि कई श्रमिक संगठनों ने कुछ प्रावधानों पर चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि श्रमिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

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